भोपाल/देश के विख्‍यात पादप विज्ञानी एवं भोपाल के मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण पांडेय को इस वर्ष के प्रोफेसर वाई. डी. त्यागी स्वर्ण पदक से सम्‍मानित किया जाएगा। टेक्‍सोनोमी के क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट योगदान के लिए इंडियन  एसोसिएशन फॉर  एनजीओस्पर्म टेक्सोनोमी ने डॉ. पांडेय को इस सम्‍मान से सम्‍मानित करने का निर्णय किया है।  

आईएएटी भारत के टैक्सोनॉमिस्ट्स का सबसे बड़ा संगठन है और इसका मुख्‍यालय कालीकट (केरल) में है।प्रोफ़ेसर पांडेय को यह सम्मान अगले माह धारवाड़ विश्वविद्यालय, कर्नाटक में एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन में प्रदान किया जायेगा।  डॉ. पांडेय ने सात नए पौधों की प्रजातियों की खोज की है और उनके लगभग 200 शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। 

डॉ. पांडेय के  उल्‍लेखनीय योगदान के सम्मान में भारत वर्ष के पादप विज्ञानियों ने चार नई  पुष्प प्रजातियों का नाम क्रमशः विग्ना पाण्डेयना, एकोनिटम अरुणाई, फिम्ब्रीस्टाइलिस पाण्डेयना और  इरिओकॉलान पाण्डेयना  रखा है।डॉ. पांडेय देश के उन गिने चुने पादप विज्ञानियों में से एक हैं जिन्होंने पादप वर्गीकरण, जैव विविधिता संरक्षण और मॉलिक्यूलर टेक्‍सोनोमी के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की है।  विगत दिनों उन्‍हें पादप विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए  राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने जैव विविधता सम्मान से नवाजा था।