भोपाल। शहरी बच्‍चों के हाथ में मोबाइल हो तो ज्‍यादातर बच्‍चे सेल्‍फी लेना पसंद करेंगे, लेकिन यदि जनजातीय बच्‍चों के हाथ में कैमरा थमा दिया जाए तो वे क्‍या करेंगे? इस सवाल का जवाब मिला सोमवार को भोपाल में जनजातीय बच्‍चों द्वारा खींचे गए फोटो की प्रदर्शनी में। स्‍कूली बच्‍चों ने कमाल की कल्‍पनाशक्ति और कौशल का प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण परिवेश और खासतौर से ग्रामीण खेलों को जिस तरह से कैमरे में कैद किया वह किसी प्रोफेशनल फोटोग्राफर को भी मात करने वाला था। 

यूनीसेफ और यूथ फॉर चिल्‍ड्रन की मदद से भोपाल के स्‍वराज भवन में अंतरराष्‍ट्रीय बाल दिवस (20 नवंबर) के मौके पर आयोजित इस प्रदर्शनी को दर्शकों ने खूब सराहा। इस वर्ष की थीम -खेलों के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास- पर जनजातीय बहुल जिले अलीराजपुर के ग्राम राजावत के बाल फोटोग्राफर्स द्वारा खींची गई तस्वीरों का प्रदर्शन किया गया।  

प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर ग्राम राजावत के चाइल्ड फोटोग्राफर्स के साथ पीआईबी भोपाल के एडीशनल डायरेक्टर जनरल प्रशांत पाठरावे,  वरिष्ठ पत्रकार गिरीश उपाध्याय, सुनील शुक्‍ला, भाजपा प्रवक्ता नेहा बग्गा, डेफ़ ओलंपिक की स्‍वर्ण पदक विजेता कु गौरांशी, यूनीसेफ के संचार विशेषज्ञ अनिल गुलाटी, बाल संरक्षण विशेषज्ञ एवं शिक्षा विशेषज्ञ उपस्थित थे।

अतिथियों ने जनजातीय बच्‍चों द्वारा खींची गई ग्रामीण अंचल के जनजीवन को दर्शाने वाली तस्वीरों का अवलोकन किया और बच्‍चों के अनुरोध पर ग्रामीण खेल कंचे, भंवरी, अष्ट चंग भी खेला। चाइल्ड फोटोग्राफर्स ने अपने द्वारा खींची गई तस्वीरों के साथ ही ग्रामीण खेलों के बारे में जानकारी दी। इस प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं गोविंद, सुनीता, धर्मेंद्र, कविता, किरण, दीपक, सलीम, महेश के खींचे गए चित्र प्रमुख रूप से शामिल थे। इन बच्‍चों ने तीरंदाजी, सतोलिया, घोड़ा बदाम खई, कंचे, अष्‍टचंग, भंवरी, गुलेल आदि खेलों की तस्वीर के अलावा घरौंदा, मिट्टी की दीवार पर हाथ के छापे आदि को कैमरे में कैद किया है।

बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए अतिथियों ने कहा कि यह प्रयास स्‍वागतयोग्‍य है। बच्‍चे इस काम को जारी रखें। इससे वे आगे चलकर खुद को फोटो जर्नलिस्ट के रूप में भी तैयार कर सकते हैं। गौरांशी ने कहा कि यह प्रदर्शनी ‘मोबाइल छोड़ो, कंचे खेलो’ का संदेश देती है। कार्यक्रम में राजावत हाई स्कूल के शिक्षक शरद क्षीरसागर नानपुर एवं शिक्षिका श्रीमती सीमा पटेल का सम्मान भी किया गया।