नर्मदापुरम/ शहर छोटा हो या बड़ा, यातायात आजकल हर जगह की बड़ी समस्‍या है। इसमें प्रमुख भूमिका वाहनों की बढ़ती संख्‍या की है। जिस संख्‍या में वाहन बढ़ रहे हैं उस अनुपात में सड़कें न तो बढ़ रही हैं और न ही उनकी चौड़ाई बढ़ाने की स्थिति में है ऐसे में सड़कों पर पैदल चलना तक दूभर होता जा रहा है। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर वाहनों के पंजीयन से लेकर उनके संचालन तक आरटीओ विभाग की मुख्‍य भूमिका होती है। सामाजिक सरोकार से जुड़े इसी विषय को लेकर मध्यमत की ओर से स्वतंत्र पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता इंजी बीबीआर गांधी ने नर्मदापुरम की आरटीओ सुश्री निशा चौहान से खास बातचीत की। उन्‍होंने विषय से जुड़े अनेक सवालों का उत्‍तर देते हुए कहा कि सिस्टम केरट एण्ड स्टिक से चलता है, यानि प्रोत्साहन और दंड दोनों जरूरी हैं। देखिये इस इंटरव्‍यू के कुछ खास अंश-