राकेश अचल

इनसान की शैतानी का कोई जबाव नहीं। शैतानी से मेरा आशय शरारत से है। इनसान प्रकृति की हर संरचना की नकल करने पर आमादा है। अभी तक मैंने बहुत सी नकलें देखी थीं लेकिन पहली बार आसमान की नकल देखकर मैं दंग रह गया।

पिछले दिनों मै लॉस वेगास (अमेरिका) में था। ये शहर कौरवों के जुआघर से भी बड़ा जुआ घर या जुआ शहर है। इस शहर में हर रात जुए से इतनी हार जीत होती है कि आप चाहें तो इस शहर की एक दिन की आमदनी से कोई छोटा मोटा मुल्क खरीद सकते हैं। इसी शहर के एक मॉल में नकली आसमान बना दिया गया है। मॉल का नाम है ‘ग्रांड केनाल शॉप्स।‘ यहां माल भी है और होटल भी।

मैंने दुनिया के अनेक देशों में भव्य दिव्य मॉल देखे हैं, लेकिन इस जैसा कोई दूसरा नहीं। दुबई के मॉल्स की चकाचौंध का मुकाबला बेहद कठिन है। यूरोप का वास्तुशिल्प बेजोड़ है, लेकिन लॉस वेगास का ग्रांड केनाल शॉप्स अपने नकली आसमान की वजह से एकदम अलग है। इंसान का ये करतब विद्युत सज्जा का चरमोत्कर्ष कहा जा सकता है।

लॉस वेगास आने वाला शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा जो इस व्यावसायिक केंद्र में न आए। इस केंद्र में नकली झील है और उसमें पारंपरिक अमेरिकी नाविक अपनी चमचमाती नौकाओं में आपको नौकायन भी करा सकते हैं। नव-विवाहित जोड़े इसका आनंद लेते हैं। इस नकली झील में असली डालर और सिक्के फेंककर मन्नतें भी करने से नहीं चूकते।

ग्रांड केनाल शॉप्स इस परिसर में बने ‘दि वेनेशियन होटल, कैसिनो’ के साथ 1999 में शुरू हुआ था। इसमें दुनिया के सबसे मंहगे फैशन डिजाइनर के बुटीक और दुनिया के सबसे बड़े और मंहगे ब्रांड के शो रूम उपलब्ध है। यहां शापिंग करना आम आदमी के बूते की बात नहीं है। ग्रांड केनाल शॉप्स की टक्कर के मॉल्स बेंगलुरू में भी हैं, लेकिन जो लास वेगास में है वो कहीं नहीं।

हमने इस शापिंग मॉल से ब्राउनी खरीदी और खाई। जगह-जगह रुक कर तस्वीरें लीं। कुछ शाप्स में जाकर भावताव भी किया, लेकिन कोई बड़ी खरीदारी नहीं की। यहां से कुछ खरीदना मेरे जैसे मामूली खबरनबीस के लिए नामुमकिन था। यहां आकर वक्त का पता ही नहीं चलता, बल्कि वक्त कम पड़ जाता है।

ग्रांड केनाल को देखने पूरी दुनिया टूटी पड़ी लगती है। हर साल 40 मिलियन पर्यटक यहां आते हैं। क्रिसमस के मौके पर तो यहां का नजारा अलग ही होता है। यहां दुनिया के तमाम देशों के वास्तु शिल्प का अनुपम संयोजन किया गया है। पूरा परिदृश्य एक पेंटिंग जैसा लगता है। शुरू में यहां 91 शाप्स बनाई गई थीं, अब इनकी संख्या 208 हो चुकी है। यहां के एलीवेटर इतने कलात्मक हैं कि आप दांतों तले उंगली दबा लें।

लगभग आठ लाख वर्गफीट में बने इस कल्पनातीत शापिंग मॉल में एक साथ 4000 कारों को पार्क करने की जगह है। इसके बावजूद सबको यहां जगह नहीं मिल पाती। यहां आप दुनिया की मशहूर हस्तियों को आम आदमी की तरह टहलते देख सकते है। यदि जीवन में मनोरंजन करने का कोई अवसर हाथ आए तो एक बार यहां जरूर आएं।(मध्यमत)
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