भोपाल। पत्रकारिता एवं संचार के क्षेत्र में शोध, पाठ्यक्रम निर्माण, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के विकास के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल और गोंडवाना विश्वविद्यालय, गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) के मध्य एमओयू हुआ है। एमसीयू के कुलपति प्रो. केजी सुरेश और गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. श्रीनिवास वरखेड़ी के सान्निध्य में दोनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अविनाश वाजपेयी, डीन अकादमिक प्रो. पी. शशिकला और प्रवेश निदेशक डॉ. आशीष जोशी उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि एमसीयू को एशिया का पहला पत्रकारिता विश्वविद्यालय होने का गौरव प्राप्त है। पत्रकारिता एवं संचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता है। इस एमओयू के माध्यम से हम सघन वन्य क्षेत्र में संचालित गोंडवाना विश्वविद्यालय को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में पत्रकारिता एवं संचार शिक्षा के प्रसार में सहयोग करेंगे। जनजाति क्षेत्रों में संचार के पाठ्यक्रम निर्माण, फैकल्टी एक्सचेंज एवं ट्रेनिंग प्रोग्राम, स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम, आउटरीच प्रोग्राम और आधारभूत संरचना विकास के लिए एमसीयू गोंडवाना विश्वविद्यालय का सहयोग करेगा। इसके साथ ही संस्थागत विकास में परामर्श देने की सहमति भी बनी है।

प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से हमारे छात्रों और शोधार्थियों को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र की समस्याओं और विशेषताओं को समझने और इस क्षेत्र में शोध करने का अवसर प्राप्त होगा। दोनों विश्वविद्यालय संचार के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोधकार्य को बढ़ावा देंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि वे नवोन्मेषी एवं समाजोपयोगी शोधकार्य को बढ़ावा दें। इस संकल्पना को लेकर दोनों विश्वविद्यालय काम करने वाले हैं। शोधार्थियों के अध्ययन एवं शोध कार्य हेतु दोनों संस्थाओं के मध्य रिसर्च स्कॉलर एक्सचेंज प्रोग्राम पर भी सहमति बनी है।

गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि यह एमओयू बहुत महत्वपूर्ण है। लगभग एक वर्ष पहले गोंडवाना विश्वविद्यालय के एक समूह को विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाओं में भेजा गया था, ताकि उनकी विशेषज्ञता का लाभ वनवासी क्षेत्र को मिल सके। इस क्रम में हम सबसे पहले माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के साथ एमओयू साइन कर रहे हैं। एमसीयू के सहयोग से हम वनवासी क्षेत्र में पत्रकारिता एवं संचार की शिक्षा का प्रसार-प्रसार कर सकेंगे। इस अवसर पर गोंडवाना विश्वविद्यालय के प्रो. वाइस चांसलर डॉ. श्रीराम एस. कावले, कुलसचिव डॉ. अनिल चिताड़े, मंगेश इंदपवार और प्रो. मनीष डी. उत्तरवार भी उपस्थित रहे।