एक पुराना शेर है-

गिरते हैं शहसवार ही मैदाने जंग में
वो तिफ्ल क्‍या गिरे, जो घुटनों के बल चले

गिरना हमेशा असफल होने की निशानी नहीं होता। वह हमें फिर से ऊपर उठने और चढ़ने का हौसला देता है। यकीन न आए तो देखिये यह वीडियो…

https://madhyamat.com/wp-content/uploads/2022/10/Fall-and-Rise.mp4