भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि विश्वकर्मा समाज की पंचायत का मुख्यमंत्री निवास पर पुनः आयोजन होगा। उन्होंने पिछड़ा वर्ग आयोग में विश्वकर्मा समाज को प्रतिनिधित्व देने का भी आश्वासन दिया। श्री चौहान आज यहाँ रविन्द्र भवन में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विश्वकर्मा विकास परिषद मध्यप्रदेश के पूजन महोत्सव एवं कलश यात्रा को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा समाज ने पगड़ी पहनाकर उन्हें सम्मानित किया है। वे रक्त की अंतिम बूंद तक पगड़ी की शान-आन को बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि जो पिछड़ों में पिछड़े हैं, मुख्यमंत्री उनके साथ हैं। मध्यप्रदेश की सरकार ने नर की सेवा को ही नारायण सेवा माना है। आमजन के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के सभी सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं।

श्री चौहान ने उपस्थितों से आग्रह किया कि वे बेटियों के साथ सौतेला व्यवहार नहीं करें। बेटियाँ सारा जीवन माता-पिता को याद रखती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बेटियों को पराया धन मानते हैं। उन्होंने कहा कि केवल बेटियों वाले दपंत्तियों का मध्यप्रदेश की सरकार लालन-पालन करेगी, उनको पेंशन देगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का प्रसार जरूरी है। शिक्षा के लिए जरूरी सहायता सरकार उपलब्ध करवा रही है। उच्च शिक्षा ऋण की गारंटी प्रदेश सरकार दे रही है।

प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की। समाज द्वारा मुख्यमंत्री का शाल-श्रीफल से सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विश्वकर्मा विकास परिषद मध्यप्रदेश की अध्यक्ष श्रीमती नीरजा विश्वकर्मा ने स्वागत उद्बोधन में समाज की अपेक्षाओं पर प्रकाश डाला। श्री हरिशंकर विश्वकर्मा ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन श्री बी.आर. विश्वकर्मा ने किया।