भोपाल। परिवार कल्याण एवं लोक स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री निःशुल्क औषधि वितरण योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्य काफी चुनौतीपूर्ण है, संबंधित को सावधानीपूर्वक इस कार्य को करना होगा। डॉ. मिश्रा 7 नवम्बर से प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में आरंभ होने वाली मुख्यमंत्री निःशुल्क औषधि वितरण की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव परिवार कल्याण एवं लोक स्वास्थ्य श्री प्रवीर कृष्ण, स्वास्थ्य आयुक्त श्री पंकज अग्रवाल, संचालक श्री संजय गोयल और जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन और जिला कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित थे।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि चिकित्सकों का कार्य पीड़ित मानवता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह की मंशा के अनुरूप प्रदेश की जनता में ईश्वर का प्रतिरूप देखकर हमें यह सेवा कार्य करना है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि सभी शासकीय अस्पतालों में निर्धारित तिथि से पूर्व सूचीबद्ध 147 दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित कर लिया जाये। डॉ. मिश्रा ने कहा कि चिकित्सक वही दवाएँ लिखें, जो अस्पताल में उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पूर्व से चल रही रेडक्रॉस सोसायटी, को-ऑपरेटिव सोसायटी अथवा अन्य कोई और दवा की दुकानें अनिवार्य रूप से प्रतिबंधित किया जाना सुनिश्चित करें। डॉ. मिश्रा ने पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री निःशुल्क औषधि वितरण कार्य को बिना किसी व्यवधान के आरंभ करने के निर्देश दिये।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव श्री प्रवीर कृष्ण ने कहा कि चिकित्सकों का यह दायित्व है कि शासकीय अस्पतालों में आने वाले विशिष्ट और सामान्य सभी को वही औषधि उपलब्ध करवायें, जो निःशुल्क औषधि वितरण की सूची में मान्य है। प्रमुख सचिव ने कहा कि पूरे देश में मध्यप्रदेश, तमिलनाडू, राजस्थान के बाद उन तीन प्रदेशों में शामिल है जहाँ निःशुल्क औषधि वितरण व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में 195 वितरण केन्द्र से औषधि वितरण की व्यवस्था की गई है, जहाँ से 147 प्रकार की दवाओं का वितरण चिकित्सकों के परामर्श पर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अगले 30 दिन तक संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्र में शिविर लगाकर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य आयुक्त श्री पंकज अग्रवाल ने कहा कि शासकीय चिकित्सालयों में डॉक्टर्स अपने समक्ष वह सूची रखें जिसमें अस्पताल में उपलब्ध दवा दर्ज हो।